यस बैंक धोखाधड़ी मामला: बॉम्बे हाई कोर्ट ने वाधवान भाइयों को दी जमानत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के प्रमोटर्स कपिल वाधवान और धीरज वाधवान को जमानत दे दी, जिन पर प्रवर्तन निदेशालय ने करोड़ों रुपये के यस बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है।

न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने उन्हें जमानत दी क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 60 दिनों की अवधि के भीतर मामले में उनके खिलाफ अपनी चार्जशीट दायर करने में विफल रहे।

अदालत ने दोनों को एक-एक लाख रुपये जमानत के रूप में जमा करने और अपने पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश दिया।

हालाँकि, दोनों भाई जेल में ही रहेंगे क्योंकि उन्हें उसी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा भी बुक किया गया है।

उन्होंने जमानत की मांग करते हुए दावा किया कि ईडी 60 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर अपनी चार्जशीट दाखिल करने में विफल रहा।

बता दें कि दोनों भाइयों को ईडी ने 14 मई को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।

ईडी ने 15 जुलाई को वाधवांस, यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर, उनकी पत्नी बिंदू कपूर, बेटियों रोशनी और रेखा और उनकी चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म दुलारेश के जैन और एसोसिएट के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में कार्यवाही शुरू की थी जब सीबीआई ने 7 मार्च, 2020 को राणा कपूर और वधावन के बीच यस बैंक द्वारा दिए गए कथित संदिग्ध लोन और 'क्विड प्रो क्यू' के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की थी।

पीटीआई

hi_INHindi
en_GBEnglish hi_INHindi
%d bloggers like this: